औवेसी की चेतावनी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, संविधान किसी के पापा का नहीं
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की आलोचना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का संविधान किसी व्यक्ति विशेष का नहीं है और ओवैसी को इससे इंकार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान किसी का नहीं है और ओवैसी को इससे इंकार नहीं करना चाहिए। नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं और कानून कायम रहेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का संविधान किसी के पाप का संविधान नहीं है। ओवैसी इस गलतफहमी में न जिएं। उन्होंने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम। वक्फ बोर्ड कानून के मुताबिक काम करेगा। इससे पहले ओवैसी ने मोदी सरकार को चेतावनी दी है कि वक्फ संशोधन विधेयक को मौजूदा स्वरूप में लागू करने से सामाजिक अस्थिरता पैदा होगी है। अपनी चिंताओं पर ओवैसी ने मोदी सरकार को विधेयक पर आगे बढ़ने के प्रति आगाह किया। वक्फ संशोधन बिल को संयुक्त संसदीय समिति ने 14-11 वोटिंग से मंजूरी दे दी है और जल्द ही बिल को संसद में पेश किए जाने की संभावना है।
औवेसी ने कहा कि मैं इस केंद्र सरकार को सावधान कर चेतावनी दे रहा हूं, अगर आप वर्तमान स्वरूप में वक्फ कानून बनाते हैं, जो अनुच्छेद 25, 26 और 14 का उल्लंघन होगा, तब इससे देश में सामाजिक अस्थिरता पैदा होगी। इसे पूरे मुस्लिम समुदाय ने खारिज किया है। कोई वक्फ संपत्ति नहीं बचेगी, कुछ नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को भारतीय होने पर गर्व है और वे अपनी जमीन छीनने नहीं देगा। ओवैसी ने कहा कि क्योंकि, एक गौरवान्वित भारतीय मुस्लिम के रूप में, मैं अपनी मस्जिद का एक इंच भी नहीं खोऊंगा। मैं अपनी दरगाह का एक इंच भी हिस्सा नहीं खोऊंगा। मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगा।
हौसलों को मिला सहारा, दिव्यांगजनों की बदली जिंदगी
सशक्त नारी, विकसित प्रदेशः ‘बिहान’ से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनीं सकीना
मुंबई में आयोजित वर्ड पावर चैंपियनशिप 2026 में छठवां स्थान हासिल किया छात्र रोशन निषाद ने
फूलों की खुशबू से महकी किस्मत ईश्वरचरण पैकरा का
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच
सिलफिली की मालती बनीं ‘लखपति दीदी‘, अपने साथ-साथ 14 महिलाओं को दिया रोजगार
राज्यपाल डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय की नई बस को दिखाई हरी झंडी
एमपी बोर्ड परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थी मेरिट में