महाकुंभ से घर लाए जल का ऐसे रखें ध्यान अन्यथा बढ़ जाएंगे जीवन में कष्ट
करोड़ों लोग देश विदेश से महाकुम्भ में अमृत स्नान करने आये हैं. धार्मिक मान्यताओं के आधार पर अमृत स्नान के बाद अपने घर गंगाजल और गंगारज लेकर गये हैं. घर में गंगाजल और रज रखने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं. वास्तु दोष से आराम मिलता है. घर में गंगाजल रखने से नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है.सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ जाता है. घर में खुशहाली आती है. तीर्थक्षेत्र से आने वाला जल घर में हर मांगलिक कार्य में काम आता है. घर,दुकान, फैक्ट्री आदि में पूजन के लिये भी गंगाजल की आवश्यकता होती है. गंगाजल को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना गया है. यदि आप महाकुंभ से गंगाजल ले आये हैं तो उसको घर में रखने के लिये ये सावधानी भी ध्यान में रखें. इसकी शुद्धता और पवित्रता का ध्यान रखना परम आवश्यक है.
घर के जिस स्थान पर गंगाजल रखा गया है उसे स्थान पर मांस मदिरा का सेवन करने से ग्रह दोष लगता है. इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं.
प्लास्टिक की बोतल अथवा डिब्बे के अंदर गंगाजल रखना अशुद्ध माना जाता है. गंगाजल रखने के लिए तांबे के बर्तन अथवा पीतल या एल्युमिनियम के बर्तन को प्रयोग में लेना चाहिए.
यदि गंगाजल को आप चांदी के बर्तन में सहेज कर घर के अंदर मंदिर में रखते हैं तो इससे आपको मानसिक रूप से मजबूती मिलती है. जन्म कुंडली में चंद्रमा अच्छे परिणाम देने लगता है.मानसिक बीमारियों से छुटकारा मिलता है.
दैनिक रूप से घर के चारो तरफ गंगाजल छिड़काव करने से नजर दोष, वास्तु दोष एवं नकारात्मक शक्तियों से बचाव होता है.घर के मुख्य द्वार पर जल का छिड़काव करने से सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है. इतना ही नहीं, घर की शुद्धि भी होती है.
गंगाजल को स्पर्श करने से पहले आपको अपनी शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को गंगाजल नहीं छूना चाहिए. मासिक धर्म के दौरान गंगाजल रखे कमरे में भी महिलाओं को नहीं जाना चाहिए.
गंगाजल का प्रयोग करने से पहले उसे प्रणाम करना चाहिए. यदि निकालते समय गंगाजल जमीन पर गिर जाये तो उसे हाथ से साफ करके मस्तक पर लगा लेना चाहिए.
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