ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मेहमान डेढ़ घंट तक जाम में फंसे रहे , यातायात पुलिस विफल
भोपाल। राजधानी भोपाल में पहली बार हो रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में यातायात पुलिस बुरी तरह विफल रही। 25 दिन से चल रही तैयारी की सड़क पर खुली पोल। करीब सवा घंटे तक वाहन सड़कों पर फंसे रहे। कई बड़े करोबारी और निवेशकों को डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। सुबह 8 बजे से लेकर 9:20 बजे तक डिपो चौराहा पर यातयात बेतरतीब हो गया। इस आयोजन को लेकर एक महीने से तैयारी चल रही थी, पर जमीन पर वो नहीं दिखी। यातायात को बेहतर ढंग से मैनेज करने के लिए कई बार रिहर्सल की जा चुकी थी। कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी की शिरकत को देखते हुए 5500 पुलिस जवान शहर की सड़कों पर तैनात थे। यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी एक हजार से अधिक जवानों के हाथ में थी। 25 आईपीएस अधिकारी इस कार्यक्रम की निगरानी कर रहे है।
डीसीपी ट्रैफिक संजय सिंह ने बताया कि सुबह 8 से 9 बजे के बीच ट्रैफिक का दबाव अधिक था। हमारा टारगेट था कि 9 बजे तक इन्वेस्टर्स समिट में जाने वाले मेहमानों को अंदर कर दिया जाए, ताकिप्रधानमंत्री के आगमन से एक घंटे पहले सड़क को क्लियर किया जा सके। लेकिन डिपो चौराहा पर जाम की स्थिति बनने के कारण सवा 9 बजे तक ही रोड क्लियर हो सका। बड़ी संख्या में मेहमानों ने स्मार्ट सिटी रोड से आना शुरू कर दिया, जबकि इस रोड को समिट में जाने वाले गेस्ट को इस्तेमाल की इजाजत नहीं थी। लोगों ने स्वेच्छा से इस रास्ते का इस्तेमाल किया। जब चौतरफा ट्रैफिक डिपो चौराहा पर पहुंचा, तो जाम की स्थिति बन गई। जाम की स्थिति बनने के बाद, कार्यक्रम में पहुंचने वाले मेहमानों के वाहनों को रॉन्ग साइड से निकालने का प्रयास किया गया, जिससे सड़क के दोनों ओर जाम लग गया। आम ट्रैफिक भी इसमें फंस गया। इसमें ई-रिक्शा, ऑटो और मैजिक वाहन भी शामिल थे।
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