मुजफ्फरनगर हाईवे पर तिरंगा और भगवा झंडे ने बदल दी दुकानदारों की किस्मत
हरिद्वार:महाशिवरात्रि से पहले कांवड़िए हरिद्वार से जल लेकर वापस लौट रहे हैं. इसी दौरान हाईवे किनारे बनी दुकानें एक बार फिर चर्चाओं में आ गई हैं. पिछले साल मुजफ्फरनगर से शुरू हुआ नेम प्लेट विवाद इस साल भगवा ध्वज लगाने तक पहुंच गया है. यहां हाईवे किनारे बनी अपनी दुकानों पर हिंदू समाज के लोगों ने भगवा ध्वज लगाए हैं. पिछले साल सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान यूपी के मुजफ्फरनगर से शुरू हुआ नेमप्लेट प्रकरण काफी चर्चाओं में रहा था. नेम प्लेट प्रकरण के बाद अब दुकानों पर तिरंगे झंडे के साथ-साथ देवी देवताओं वाले भगवा ध्वज लागने की शुरूआत हो गई है. अपनी दुकानों पर तिरंगा और भगवा ध्वज लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि इनकी वजह से हमारी आमदनी बढ़ गई है. अब लोग बिना नाम पूछे ही सामान खरीदते है. वहीं, इस मामले पर मुस्लिम दुकानदारों का कहना है कि जो हिंदू मुस्लिम करके बांटना चाहते है वो कभी सफल नहीं हो सकेंगे. महाशिवरात्रि से पहले कांवड़िए जल लेकर हरिद्वार से वापसी लौट रहे है. कांवड़ियों की आवाजाही को देखते हुए मुजफ्फरनगर दिल्ली नेशनल हाईवे-58 पर आपको हाइवे किनारे लगने वाली छोटी से छोटी फल फ्रूट और जूस की दुकानों पर तिरंगा और भगवा ध्वज देखने को मिलेगा. हाइवे किनारे दुकान लगाने वाले हिंदू समाज के लोगों ने अपनी दुकानों पर तिरंगा और भगवा ध्वज लगाया हुआ है. ये ध्वज दुकानदारों ने खुद ही लगाए है.
‘दुकान पर ध्वज लगाने से बढ़ी आमदनी’
झंडा लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि जब से झंडे लगा है तब से हाईवे से गुजरने वाले लोग बिना नाम पूछे उनसे फल, जूस और अन्य सामान खरीद रहे हैं. इस कारण से हमारी आमदनी बढ़ गई है. हाइवे किनारे फ्रूट और फ्रूट चाट की दुकान लगाने वाले नीटू और गन्ने का जूस बेचने वाले सौरभ नाम के दुकानदार का कहना है कि हाईवे से गुजरने वाले दूसरे राज्यों के लोग पहले हमसे नाम पूछा करते थे, लेकिन जब से ध्वज लगाए है तब से लोग बिना नाम पूछे सामान खरीदने लगे हैं.
यात्रियों को सामान खरीदने में पहले क्यों होती थी हिचकिचाहट?
दुकानदारों का कहना है कि हमसे सामान खरीदने वाले दूसरे राज्य के यात्री कहते हैं कि पहले हमने सुना था कि यूपी के कई जगहों पर मुस्लिम समाज के लोग खाने-पीने की चीजों में गलत चीज मिलाकर बेच रहे थे. हमें राह चलते सामान खरीदने में हिचकिचाहट होती थी, लेकिन अब भगवान श्री राम हनुमान के ध्वज देखकर हमें विश्वास हो चुका है कि ये लोग सनातनी हैं और हमें विश्वास है कि ये दुकानदार हमें अशुद्ध चीज नहीं बेचेंगे.
लोग कर रहे बांटने की कोशिश
हाइवे किनारे दुकान लगाने वाले मुस्लिम समाज लोगों का कहना है कि कुछ लोग अपनी खराब मानसिकता के चलते इस तरह की चीजों को बढ़ावा देकर हिंदू मुस्लिम के बीच बांटने का काम कर रहे है. ये लोग हमे बांटना चाहते है, लेकिन उनकी मंशा कभी पूरी नहीं होगी. इस देश में हिंदू मुस्लिम सब एक साथ रहते है और काम करते है. इसके अलावा हाईवे से ही सामान खरीद रहे युवक तुषार ने इसको गलत बताया और उन्होंने भी कहा कि ये सब बांटने की साजिश है. हिंदू मुस्लिम हमेशा एक साथ ही काम करते आए है. देश में इस तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए.
Rajnath Singh का SCO से पाकिस्तान को सीधा संदेश—आतंकवाद अब बर्दाश्त नहीं
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव, हवाई हमले में 75 घायल
चुनाव बाद पेट्रोल-डीजल महंगा नहीं होगा: केंद्र ने अफवाहों पर लगाया ब्रेक
भारतीय जनता पार्टी पर दागी उम्मीदवारों का आरोप, तृणमूल कांग्रेस ने उतारे करोड़पति चेहरे
सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: राजा हिरदेशाह की गाथा अब स्कूलों में पढ़ाई जाएगी
महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: Indian National Congress का पीएम पर हमला, सर्वदलीय बैठक की मांग
Saurabh Bharadwaj का बयान—“राज्यसभा सांसद बने इसलिए हुई शादी”, Raghav Chadha पर निशाना
अमेरिका-ईरान तनाव का असर: 60% तक बढ़ी तारकोल की कीमत, सड़क निर्माण प्रभावित