'बच्चों की खातिर माफ कर दूंगा पत्नी को' – अलीगढ़ केस में पति जितेंद्र का बड़ा बयान
अलीगढ़ में अपने ही होने वाले दामाद संग भागी सास का पति ने अपनी पत्नी को माफ करने की बात कही है. साथ ही एक शर्त भी रखी है. पति जितेंद्र का कहना है कि उसकी बीवी अगर माफी मांग ले तो वो उसे माफ करने को तैयार है. जहां पहले जितेंद्र ने कहा था कि वो पत्नी के मिलने पर उसका फैसला खुद करेगा, उसे सजा दिलवाएगा. वहीं, अब जितेंद्र पत्नी को माफ करने की बात कह रहा है.
जितेंद्र का कहना है कि बच्चों की खातिर वो बीवी को तलाक नहीं देगा. बच्चे अभी छोटे हैं और उन्हें मां की जरूरत है. मैं अकेले उन्हें कैसे संभालूंगा? अपना देवी ने पति पर इल्जाम लगाया था कि वो उससे मारपीट करता है. घर खर्च के नाम पर सिर्फ 1500 रुपये ही देता है, जिसका पूरा हिसाब रखता है. साथ ही 6-6 महीने तक कोई काम नहीं करता. इस पर जितेंद्र ने कहा- ये सभी आरोप गलत हैं. मैं उसे घर खर्च देता था और कभी उसका हिसाब नहीं रखा. मेरा बेंगलुरु में खुद का बिजनेस है. साथ ही दूध बेचने का भी काम है. इसलिए बेरोजगारी का तो सवाल ही पैदा नहीं होता.
इसके अलावा अपना देवी ने आरोप लगाया था कि जितेंद्र और उसकी बेटी दोनों ही मिलकर राहुल के साथ उसका गलत नाम जोड़ते थे. अगर वो राहुल से बात करे तो उससे झगड़ते थे. यही नहीं, पति ने तो ये तक कह दिया कि राहुल के साथ ही भाग जाओ. इसलिए मैं भाग गई. जितेंद्र ने इन आरोपों को भी निराधार बताया.
बेटी से बात करना बंद किया
कहा कि रिश्ता बेटी का तय हुआ था राहुल से और अपना देवी खुद ही उससे 20-20 घंटे बातें करती थी. जबकि, राहुल मेरी बेटी शिवानी से बात ही नहीं करता था. हमें शक था पर हमने कभी उसे कुछ नहीं कहा. बेटी ने जरूर अपनी मां से कहा था कि राहुल से इतनी बात मत किया करो. इसपर अपना देवी भड़क गई थी. उसने बेटी से बात करना तक छोड़ दिया था. फिर एक दिन बेटी के ही होने वाले दूल्हे संग भाग गई. इतना सब होते हुए भी हम उसे अपनाने को तैयार हैं.
हरदोई में मिलेगा सारा सामान
जितेंद्र ने दावा किया कि साढ़े पांच लाख के गहने और तीन लाख रुपये जो अपना देवी लेकर भागी है, वो राहुल ने अपनी बुआ के घर पर छिपाए हैं. राहुल की बुआ हरदोई में रहती है. अगर पुलिस वहां जाकर तफ्तीश करे तो उन्हें सारा सामान मिल जाएगा.
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण