सिंधिया ने ममता सरकार को घेरा, कहा- "सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं"
इंदौर: देश की संसद से पास नए वक्फ कानून का विरोध देश के कई हिस्सो में देखने मिल रहा है. वक्फ कानून के विरोध में सबसे ज्यादा हिंसा पश्चिम बंगाल में देखने मिली. इस हिंसा को शांत करने के बजाए खुद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस नए कानून का विरोध जता रही हैं. वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे. जहां उन्होंने बंगाल के मुर्शिदाबाद में हो रही हिंसा को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना साधा.
ममता सरकार पर सिंधिया का निशाना
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को आड़े हाथों लिया. सिंधिया ने कहा कि "जिस प्रदेश की सरकार एक अमन-चैन का वातावरण तैनात नहीं कर सकती. उस प्रदेश की सरकार को सरकार में रहने का औचित्य नहीं है." रतलाम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया इंदौर पहुंचे थे.
मणिपुर पर क्या बोले सिंधिया
इस दौरान उन्होंने मणिपुर हिंसा को लेकर जारी बैठक और आगामी रणनीति को लेकर भी बताया. सिंधिया द्वारा किए गए पूर्वोत्तर के दौरे के दौरान उनकी राज्यपाल से चर्चा हुई है. इसके अलावा उत्तर पूर्व काउंसिल की आठ कमेटी के आगामी फैसलों पर चर्चा हुई है. उन्होंने कहा आने वाले दिनों में केंद्र सरकार द्वारा मणिपुर का विकास किया जाएगा. इसके अलावा मणिपुर के विकास के लिए पूर्वोत्तर काउंसिल की आठ समितियों को भी निर्देश दिए गए हैं.
केंद्र ने की नार्थ ईस्ट काउंसिल गठित
गौरतलब है कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है. हालांकि यहां एक बार फिर हिंसा भड़क रही है. 8 मार्च को यहां फ्री ट्रैफिक मूवमेंट की शुरुआत की गई थी, लेकिन इसके बाद भी कई जिलों में हिंसा भड़की है. इसके अलावा यहां सुरक्षा बलों और आम लोगों के बीच हुई मुठभेड़ में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो चुकी है. जबकि आगजनी में यहां लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है. इसके बावजूद भी मणिपुर में फिलहाल हालात सामान्य नहीं है. जिसे लेकर केंद्र सरकार ने नॉर्थ ईस्ट काउंसिल गठित की है.
8 राज्यों के मुख्यमंत्री के जिम्मे शांति बहाली
जिसमें अलग-अलग राज्यों के आठ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मणिपुर में शांति बहाली और विकास के मुद्दों पर बैठक के बाद समिति केंद्र सरकार को अपनी राय भेजेगा. इधर केंद्र सरकार भी मणिपुर में शांति बहाली और विकास को लेकर अपनी अलग रणनीति लेकर चल रही है. जिसे लेकर अब केंद्र सरकार सक्रिय नजर आ रही है.
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