क्राइस्ट द किंग चर्च, बैरागढ़, भोपाल में गुड फ्राइडे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया
भोपाल । 18 अप्रैल 2025 को बैरागढ़, भोपाल स्थित क्राइस्ट द किंग चर्च में गुड फ्राइडे अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और गंभीरता के साथ मनाया गया। क्रूस को कंधे पर लेकर प्रभु येसु के दुःखभोग और बलिदान की स्मृति में विश्वासियों ने गिरजाघर परिसर में क्रूस रास्ता के 14 विश्रामों की स्मृति की। गुड फ्राइडे वह पवित्र दिन है जब प्रभु येसु ख्रीस्त ने संपूर्ण मानवजाति के पापों के लिए क्रूस पर अपने प्राण अर्पित किए। यह दिन ख्रीस्तीय समुदाय के लिए सबसे पवित्र दिनों में से एक है। बड़ी संख्या में विश्वासियों ने इस अवसर पर आराधना में भाग लिया और देश तथा उसके नेताओं के लिए विशेष प्रार्थनाएं कीं। मुख्य याजक फादर अमृतलाल टोप्पो ने प्रवचन में कहा, “प्रभु का दुःखभोग और क्रूस-मरण हमारे जीवन को नया अर्थ देता है — कि दुःखों में भी ईश्वरीय आशीर्वाद और पूर्ण जीवन की अनुभूति होती है। सबसे बड़ा प्रेम यह है कि कोई दूसरों के लिए अपने प्राण अर्पित करे, और येसु ने यह एक बार सदा के लिए किया।”
फादर मारिया स्टीफन, पल्ली-पुरोहित ने कहा, “येसु का क्रूस पर मरना कोई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि ईश्वर की योजना थी कि उनका इकलौता पुत्र मानवजाति के लिए बलिदान हो। मनुष्य जन्म लेता है जीने के लिए, लेकिन येसु का जन्म हुआ मरने के लिए।” गिरजाघर परिसर में क्रूस मार्ग की साधना के दौरान कुछ थानों पर प्रभु येसु के दुःखभोग और क्रूस-मरण का मंचन भी किया गया।फादर विपिन तिग्गा, फादर राज कुमार और फादर अमृतलाल टोप्पो ने लाल रंग के पूजन विधि के वस्त्र धारण किए थे, जो मसीह के रक्त और शहीदों के बलिदान का प्रतीक हैं। बाइबिल से दुःखभोग का वृतांत पढ़ा गया, जिसके पश्चात पवित्र क्रूस की उपासना और देश व उसके नेताओं के लिए विशेष प्रार्थना अर्पित की गई।
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण