श्रीराम के आदर्श और चरित्र को जन-जन तक पहुंचायेंगी राम यात्रा
भोपाल : पूज्य संत मुरारी बापू द्वारा 25 अक्टूबर से 4 नवंबर तक रामकथा पर चित्रकूट से अयोध्या तक राम वन गमन पथ के मार्गो पर राम यात्रा शुरू की गई है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने चित्रकूट सतना के अत्रि मुनि आश्रम, सती अनुसुइया से प्रारंभ हुई इस राम यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कहा कि पूज्य संत बापू जी द्वारा प्रभु श्रीराम के वनवास काल के दौरान राम वन गमन पथ के मार्गो से होते हुई प्रारंभ राम यात्रा भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम हमारे प्राण है जिनके स्मरण से जीवन धन्य हो जाता है। यह देश का सौभाग्य है कि श्रद्धेय मुरारी बापू जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन श्रीराम के आदर्श और चरित्र को जन-जन तक पहुंचाने तथा हमारी आस्था को प्रमाणित कर श्रीराम जन्म भूमि में बहुप्रतीक्षित श्रीराम मंदिर स्थापना कार्य में सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के चित्रकूट के पावन स्थल से लेकर पूरे देश में श्रीराम वन गमन मार्ग पर जिन स्थानों पर प्रभु श्रीराम के चरण पडे है। उस धरती में बहुमूल्य खनिज और अयस्कों का भण्डार पाया गया है जो देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि राम यात्रा रामेश्वरम तक रेल मार्ग से और श्रीलंका तक हवाई मार्ग से पहुंचेगी और इसी क्रम में अयोध्या तक वापसी होगी। पूरी यात्रा की मंगलकामना करते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम सब इस पावन यात्रा के साक्षी बने है।
पूज्य संत मुरारी बापू ने कहा कि श्रीराम यात्रा विशुद्ध रूप से आध्यात्मिक और अंतरआत्मा की यात्रा है। जिसे सभी संतों, महापुरूषों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह राम यात्रा सत्य, प्रेम और करूणा की यात्रा है। विश्व के हित को ध्यान में रखकर चित्रकूट जैसे पावन स्थल से यह यात्रा शुरू की है। संत मुरारी बापू ने मध्यप्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री शुक्ल की उपस्थिति और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यात्रा के लिए प्रदान की गई सदभावना के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर राम यात्रा के संयोजक मदन जी पालीवाल, रेल्वे टूरिज्म आईआरसीटीसी की पमिला गुप्ता, बालेन्द्र गौतम सहित राम यात्रा के सहभागी देश भर के भक्तजन उपस्थित रहे।
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