मार्गशीर्ष मास के दौरान इन बातों का रखें खास ध्यान, जानें क्या करें और क्या ना करें?
मार्गशीर्ष मास को अगहन भी कहा जाता है और यह माह अत्यंत पवित्र व शुभ माना गया है. यह माह देवी-देवताओं का प्रिय काल कहा जाता है क्योंकि इस मास में शुभ व धार्मिक कार्य बढ़ जाते हैं और इनका फल कई गुना बढ़ जाता है. इस मास में श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में शांति, धन और मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन के हर क्षेत्र में लाभ मिलता है. साथ ही व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र में मार्गशीर्ष मास के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की बात की गई है. अगर आप इन बातों को जीवन में उतार लेते हैं तो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है और भगवान कृष्ण की कृपा भी प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं मार्गशीर्ष मास के दौरान क्या करें क्या ना करें…
मार्गशीर्ष मास का महत्व
मार्गशीर्ष मास का भगवान श्रीकृष्ण द्वारा स्वयं गीता में महिमामंडित किया गया है, मासानां मार्गशीर्षोऽहम्। अर्थात मैं महीनों में मार्गशीर्ष मास हूं. यह महीना स्वयं भगवान का स्वरूप है. इस समय साधना, दान, व्रत और भक्ति का जो फल मिलता है, वह कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है. इस महीने सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान, ध्यान और गायत्री जप करने से पाप नष्ट होते हैं. मार्गशीर्ष मास का पालन केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं बल्कि आत्मोन्नति और ईश्वर-संयोग का काल है.
मार्गशीर्ष मास के दौरान क्या ना करें
मार्गशीर्ष मास में झूठ बोलना, किसी का दिल दुखाना, क्रोध, घमंड या अंहकार करना, चोरी-डकैती जैसी नकारात्मक चीजें करना अशुभ माना गया है.
मार्गशीर्ष मास में मांस-मदिरा, लहसुन-प्या आदि का सेवन करने से बचना चाहिए अन्यथा तन और मन दोनों अशुद्ध हो जाते हैं.
मार्गशीर्ष मास में जीरे का सेवन करना भी वर्जित बताया गया है इसलिए भोजन में जीरे का प्रयोग ना करें.
मार्गशीर्ष मास में में किसी की बुराई या चुगली करने से बचना चाहिए और अपने काम पर ध्यान देना चाहिए.
मार्गशीर्ष मास में बासी या ठंडा भोजन करने से बचना चाहिए, इस मास में हमेशा ताजी भोजन का ही सेवन करें.
मार्गशीर्ष मास के दौरान क्या करें
मार्गशीर्ष मास में हर रोज भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना करना चाहिए और शुद्व व सात्विक भोजन करना चाहिए.
मार्गशीर्ष मास में हर दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है.
मार्गशीर्ष मास में सुबह व शाम के समय मंदिर, घर की उत्तर दिशा, तुलसी के पास दीपक अवश्य जलाना चाहिए.
मार्गशीर्ष मास में गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है.
मार्गशीर्ष मास में ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करना चाहिए और भगवद्गीता का पाठ करना चाहिए.
मार्गशीर्ष मास में अपने वचन, कर्म और मन से शुद्ध रखें और धार्मिक किताबें पढ़ें.
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