अब तो भगोड़े ललित मोदी ने भी PAK को लताड़ा, कहा- राजनीति के दबाव में लिए फैसलों से क्रिकेट को नुकसान
आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पैदा हुआ विवाद अब सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं रहा है। पाकिस्तान द्वारा ग्रुप स्टेज में भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करने पर पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ललित मोदी ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और उसके अध्यक्ष ट्रॉफी चोर मोहसिन नकवी को भी लताड़ा है। उनका साफ कहना है कि जब खेल में राजनीति घुसती है, तो नुकसान क्रिकेट का होता है और फायदा सिर्फ फ्रेंचाइजी क्रिकेट को।
ललित मोदी का सीधा आरोप
आईएएनएस से बातचीत में ललित मोदी ने पाकिस्तान के फैसले की आलोचना करते हुए कहा, 'क्रिकेट मैदान में तय होने के लिए बना है, बोर्डरूम या बहिष्कार के जरिए नहीं। जब राजनीति खेल में घुसती है, तो खेल हारता है, लेकिन फैंस हमेशा याद रखते हैं कि किसने प्रतिस्पर्धा का साथ दिया।' उनका मानना है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले जैसे हाई-वोल्टेज मैच क्रिकेट की आत्मा हैं और ऐसे मुकाबलों से पीछे हटना खेल भावना के खिलाफ है।
चयनात्मक बहिष्कार पर उठे सवाल
पाकिस्तान ने 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत के खिलाफ मैच से हटने का फैसला किया है, जो सरकारी निर्देशों के बाद लिया गया बताया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों में हिस्सा लेगा। यह चयनात्मक बहिष्कार कई सवाल खड़े करता है, खासकर तब जब भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता को विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी टक्कर माना जाता है।
आईसीसी और अंक तालिका पर असर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद आईसीसी स्टेकहोल्डर्स से सलाह-मशविरा कर रही है। टूर्नामेंट नियमों के मुताबिक, किसी टीम के मैच से हटने पर विरोधी टीम को अंक मिल सकते हैं। ऐसे में अगर बहिष्कार कायम रहता है, तो भारत को बिना खेले अंक मिलना लगभग तय है, जिससे ग्रुप की तस्वीर शुरुआत में ही बदल सकती है। साथ ही आईसीसी पीसीबी पर बड़ी कार्रवाई भी कर सकता है। मैच का बहिष्कार करने पर पाकिस्तान को भारी आर्थिक नुकसान होना तय माना जा रहा है। स्पॉनर्स और स्टेकहोल्डर्स को हुए नुकसान की भरपाई आईसीसी पीसीबी से कर सकता है। ऐसे में पाकिस्तान पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
आईपीएल क्यों बन रहा है सबसे बड़ा विजेता?
ललित मोदी ने चेतावनी दी कि इसका असर भविष्य में और गहरा हो सकता है। उन्होंने कहा, 'द्विपक्षीय मैचों के ब्रॉडकास्ट राइट्स और आईसीसी की भविष्य की कमाई पर सवाल उठेंगे। ब्रॉडकास्टर्स ऊंची बोली लगाने से हिचकेंगे। इस पूरे हालात में अगर कोई फायदा उठाएगा, तो वह सिर्फ आईपीएल होगा।' उनके अनुसार, फ्रेंचाइजी क्रिकेट पहले ही दुनिया भर में केंद्र में आ चुका है।
आईपीएल बनाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट
ललित मोदी ने आगे कहा, 'आईपीएल अब साल का सबसे बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट बन चुका है, जो खिलाड़ियों और फैंस, दोनों को दुनियाभर में रोमांचित करता है। ब्रॉडकास्टिंग के लिहाज से भी यह सबसे परफेक्ट प्रोडक्ट है।' इस बयान ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट धीरे-धीरे फ्रेंचाइजी लीग्स के आगे फीका पड़ रहा है।
फैंस और पूर्व खिलाड़ियों की निराशा
भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के पूर्व खिलाड़ी और फैंस इस फैसले से निराश हैं। उनका मानना है कि भारत-पाकिस्तान मैच सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि भावनाओं, इतिहास और प्रतिस्पर्धा का संगम होता है, जिसे राजनीति की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।
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