काशी में बनेगा ‘शंख चौराहा’, मोहनसराय में रखा जाएगा विशाल शंख
वाराणसी| शहर में चल रहे चौराहों के सुंदरीकरण अभियान के तहत प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर भव्य ‘शंख चौराहा’ विकसित किया जा रहा है। दो मंजिला मकान जितनी ऊंचाई और बड़े ट्रक जितनी लंबाई वाला विशाल शंख यहां स्थापित किया जाएगा। इस शंख के आसपास छह पिलर होंगे, जिनके ऊपर भगवान शिव के अस्त्र-शस्त्र और उनका वाहन दर्शाया जाएगा। यह काशी में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की ओर से शहर के तिराहों और चौराहों को नए स्वरूप में विकसित करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर भव्य ‘शंख चौराहा’ बनाया जा रहा है। इस चौराहे के गोलंबर के बीच विशाल शंख स्थापित किया जाएगा, जिसकी ऊंचाई करीब 6 मीटर और लंबाई 8 मीटर होगी। आकार के लिहाज से यह लगभग दो मंजिला मकान जितना ऊंचा और बड़े ट्रक जितना लंबा होगा।
प्रोजेक्ट मैनेजर विनय कुमार ने बताया कि शंख का निर्माण लखनऊ में चल रहा है। इसे मकराना पत्थर से तैयार किया जा रहा है। इसे स्थापित करने के लिए करीब 15 मीटर का मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के आसपास छह पिलर होंगे। इनमें डमरू-त्रिशूल, नंदी, फरसे के साथ त्रिशूल, शंख और नमस्ते करते हुए हाथ की आकृतियां शामिल होंगी। इससे चौराहा काशी की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएगा।
इसके अलावा चौराहे को आकर्षक बनाने के लिए डेकोरेटिव पिलर, झरना और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे रात में इसकी भव्यता और निखर कर सामने आएगी। उन्होंने कहा कि प्रयागराज से वाराणसी आने वाले श्रद्धालु इसी मार्ग से बड़ी संख्या में शहर में प्रवेश करते हैं। ऐसे में यह चौराहा काशी का प्रमुख प्रवेश द्वार बनकर उभरेगा।
इस चौराहे के अलावा शहर के 50 से अधिक चौराहों का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर नंदी, त्रिशूल और अन्य प्रतीक चिह्न स्थापित किए जा चुके हैं। जेल रोड चौराहे पर हॉकी की आकृति भी बनाई गई है। हाल ही में हुई वीडीए बैठक में बरेका के सहयोग से कई चौराहों पर कार्य शुरू कराया गया है। वहीं पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई भी अपने-अपने मार्गों पर सुंदरीकरण के कार्य करा रहे हैं।
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