हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: भोजशाला सुनवाई में नए इंटरविनर का आवेदन हुआ निरस्त
इंदौर: धार की ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में नियमित सुनवाई जारी है। शुक्रवार को याचिकाकर्ता अंतर सिंह के अधिवक्ता एके चितले ने तर्क दिया कि पूरी भोजशाला विवादित नहीं है, बल्कि उसका कुछ हिस्सा ही विवादित है। उन्होंने कहा कि एएसआई के आदेशानुसार यहाँ मंगलवार को पूजा और शुक्रवार को नमाज होती है, लेकिन जब बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ते हैं, तब धार्मिक सौहार्द के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
6 अप्रैल से जारी इस सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं के बाद इंटरविनर और अंत में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का पक्ष सुना जाएगा। एएसआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील जैन पैरवी कर रहे हैं। कोर्ट ने एएसआई को निर्देश दिया है कि वे अपनी सर्वे रिपोर्ट पेश कर बताएं कि जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं।
इसी बीच, कोर्ट ने एक नए इंटरविनर के आवेदन को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि याचिका पुरानी है और बार-बार नए पक्षकारों को मौका देने से सुनवाई कभी खत्म नहीं हो पाएगी। एडवोकेट चितले की बहस शनिवार को भी जारी रहेगी।
लेमरू में दौड़ी जिंदगी की नई रफ्तार, संजीवनी 108 सेवा से ग्रामीणों को मिल रहा त्वरित उपचार
छत के नेट से टीम इंडिया की कैप तक का सफर
केदारनाथ मंदिर के कपाट कल सुबह 8 बजे खुलेंगे, दुल्हन सा सजा धाम
सुपर सकर मशीन द्वारा लगातार चौथे दिन तानसेन नगर में सीवर सफाई कार्य जारी
रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सूरजपुर बना प्रदेश में प्रथम स्थान पर
पारिवारिक संस्कृति व प्रेम, शांति, सद्भावना रथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई हरी झण्डी
गर्मी से हाहाकार: MP में रात की लू का अलर्ट, ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी टाइम बदली
तमिलनाडु में मोहन यादव का शक्ति प्रदर्शन, जनसभा को किया संबोधित
खरगे का बड़ा आरोप: “PM मोदी समानता के खिलाफ”, AIADMK गठबंधन पर साधा निशाना