केमद्रुम दोष में जन्म लेने वाला व्यक्ति रहता है परेशान
यदि जन्म कुंडली में चन्द्रमा किसी भी भाव में अकेला बैठा हो, उससे आगे और पीछे के भाव में भी कोई ग्रह न हो तो केमद्रुम दोष बनता है। केमद्रुम दोष में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से हमेशा परेशान होता है। उसे हमेशा एक अज्ञात भय रहता है। उसके जीवन काल में अनेक उतार-चढ़ाव आते हैं। आर्थिक रूप से ऐसे व्यक्ति कमजोर ही रहते हैं। जीवन में अनेकों बार आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। ऐसे व्यक्ति खुद को बहुत समझदार समझते हैं। उन्हें लगता है की उनसे अधिक बुद्धिमान व्यक्ति कोई नहीं है। ऐसे व्यक्ति चिड़चिड़े और शक्की स्वभाव के होते हैं। संतान से कष्ट पाते हैं परन्तु दीर्घायु होते हैं। कुछ परिस्थितियों में केमद्रुम योग भंग या निष्क्रिय भी हो जाता है।
जन्म कुंडली में केमद्रुम दोष हो परन्तु चन्द्रमा के ऊपर सभी ग्रहों की दृष्टि हो तो केमद्रुम दोष के दुष्प्रभाव निष्क्रिय हो जाते हैं।-यदि चन्द्रमा शुभस्थान (केंद्र या त्रिकोण) में हो तथा बुद्ध, गुरु एवं शुक्र किसी अन्य भाव में एक साथ हो तो भी केमद्रुम दोष भंग हो जाता है।-यदि दसवें भाव में उच्च राशि का चन्द्रमा केमद्रुम दोष बना कर बैठा हो परन्तु उस पर गुरु की दृष्टि हो तो भी केमद्रुम दोष भंग माना जायेगा।यदि केंद्र में कहीं भी चन्द्रमा केमद्रुम दोष का निर्माण कर रहा हो परन्तु उस पर सप्तम भाव से बली गुरु की दृष्टि पड़ रही हो तो भी केमद्रुम दोष भंग हो जाता है।
प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल बने शिवम वर्मा
Mumbai में प्रदूषण पर सख्त कदम, 1000+ साइट्स को नोटिस
बरेली के मौलाना ने पीएम मोदी से की इज़राइल यात्रा रद्द करने की अपील
सेवा तीर्थ में कैबिनेट की पहली बैठक, लिया गया ‘सेवा संकल्प’
पारंपरिक गेर पर पड़ेगा क्या असर? ज्योतिषाचार्यों ने दी जानकारी
Madhya Pradesh में बच्चों को पूरक पोषण के लिए 8 रुपये प्रतिदिन
Rajkot में अवैध बस्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई
शाहजहांपुर शख्स का बड़ा दावा: आशुतोष पांडेय ने दिया झूठा आरोप लगाने का ऑफर
CAPF करेगी फ्लैग मार्च, मतदाताओं में भरोसा बढ़ाने की कोशिश
T20 World Cup 2026: महिला टी20 विश्वकप का पूरा शेड्यूल यहां देखें, इस दिन खेला जाएगा भारत-पाकिस्तान महामुकाबला