छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मारपीट व लूट की FIR की निरस्त
CG News : एक अहम घटनाक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पुलिस थाना सिरगिट्टी में दर्ज मारपीट और लूट से जुड़ी एफआईआर को निरस्त कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपों में अपराध के आवश्यक तत्व दिखाई नहीं देते। ऐसे में कार्यवाही जारी रखना न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग माना जाएगा। यह आदेश रमेश सिन्हा और रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने पारित किया।
क्या था मामला?
मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता सुमन यादव, इंदु चंद्रा, नंद राठौर, मोहम्मद इस्लाम और राहुल जायसवाल के खिलाफ 7 सितंबर 2024 को अपराध दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 6 सितंबर की रात ग्रामीण बैंक, तिफरा के पास आरोपियों ने गाली-गलौज की, मारपीट की और सोने की चेन छीन ली। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 115(2), 296, 3(5) और 304(1) के तहत मामला दर्ज किया गया।
याचिकाकर्ताओं के तर्क
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि एफआईआर दर्ज करने में करीब 13 घंटे की देरी हुई, जिससे संदेह पैदा होता है। उन्होंने बताया कि घटना से पहले 112 नंबर पर सूचना दी गई थी और अभिव्यक्ति ऐप के जरिए भी शिकायत की गई थी। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज उनके पक्ष में होने का दावा किया गया।
याचिकाकर्ताओं ने इसे प्रतिशोध में दर्ज काउंटर ब्लास्ट एफआईआर बताया। वहीं राज्य की ओर से कहा गया कि एफआईआर में संज्ञेय अपराध बनता है और जांच पूरी कर चालान भी पेश किया जा चुका है। हालांकि, CG News में आए इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया कि पर्याप्त आधार के बिना आपराधिक कार्यवाही जारी नहीं रखी जा सकती।
Amit Shah का बड़ा बयान: “दीदी को हटाने का समय आ गया”
Tej Pratap Yadav के बयान से मची हलचल, बोले- कभी भी टूट सकती है Rashtriya Janata Dal
DRDO का बड़ा कदम: AI सैटेलाइट ‘प्रज्ञा’ से मजबूत होगी देश की सुरक्षा
मैथ्यू हेडन का कड़ा रुख: 99 रन की हार को बताया 'अस्वीकार्य', बल्लेबाजों की मानसिकता पर उठाए सवाल।
क्रिकेट में अंडरवर्ल्ड की एंट्री: टी20 वर्ल्ड कप में कनाडा की टीम पर फिक्सिंग का आरोप, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम आया सामने।
गुजरात में 2500 करोड़ का साइबर घोटाला, बैंक अधिकारी समेत 20 गिरफ्तार
11 साल के मासूम की निर्मम हत्या, नीले ड्रम में मिला शव
भोपाल में लेंसकार्ट विवाद गरमाया, ड्रेस कोड के विरोध में तिलक-कलावा कार्यक्रम
टीकमगढ़ में बड़ा हादसा: सागर रोड पर पलटी बस, 15 यात्री घायल
क्या बीमारी की जानकारी के लिए एआई पर भरोसा करना सही है?