कांग्रेस भगवान राम को नहीं बाबर को दंडवत प्रणाम करती : हिमंत
नई दिल्ली । कांग्रेस पार्टी द्वारा राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को अस्वीकार करने पर राजनीति शुरु हो चुकी है। भाजपा जमकर कांग्रेस पर हमलावर है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वे बाबर से प्यार करते हैं, भगवान राम से नहीं। इसलिए उन्हें आमंत्रित करने का निर्णय गलत था और केवल भगवान राम में आस्था रखने वालों को ही आमंत्रित किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भगवान राम और बाबर के बीच गांधी परिवार सबसे पहले बाबर को दंडवत प्रणाम करेगा।
कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा और इंडिया ब्लॉक बैठक पर सीएम सरमा ने कहा कि हमने (भारत जोड़ो न्याय यात्रा के लिए) सभी आवश्यक अनुमतियां दे दी हैं, कोई समस्या नहीं है। हमें (भारत बैठक से) कोई दिक्कत नहीं है कि वे सीटों का बंटवारा करें या नहीं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर तीखा हमला कर नेताओं को मौसमी हिंदू करार दिया, क्योंकि पार्टी के शीर्ष नेताओं ने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक समारोह के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया था।
केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा, ये लोग मौसमी हिंदू हैं, जब उन्हें लगता है कि उन्हें वोट लेना है, तब वे नरम हिंदू बनने की कोशिश करते हैं। जवाहरलाल नेहरू के बाद से कांग्रेस में कोई भी अयोध्या नहीं गया है। भाजपा नेता ने कहा कि मामले को कोर्ट में लटकाने का काम कांग्रेस पार्टी ने ही किया था, इसलिए उनमें अयोध्या जाने का नैतिक बल नहीं है। यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार या बीजेपी की ओर से निमंत्रण नहीं भेजा गया था। इस राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भेजा था।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (18 फ़रवरी 2026)
योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक :रूपनारायण सिन्हा
सरगुजा जिले में पीएम आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा
श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन
मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी
बड़वानी जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के लिये कृषि उन्नयन संवाद का हुआ आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ
हरदा के डायल-112 हीरोज: सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियमों पर मंथन