आरक्षण को लेकर विवाद: राजस्व परिषद ने UPSSSC को किया पत्र लिखकर आगाह
उत्तर प्रदेश में लेखपाल भर्ती में अधियाचन प्रक्रिया में शिकायतों के बाद सीएम योगी ने सख्त रुख अपनाया है. बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री प्रक्रिया को सही और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए, जिस पर एक्शन लेते हुए राजस्व परिषद आयुक्त ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को पत्र लिखा है |
आयुक्त ने इस संबंध में एक हफ्ते में लेखपाल पद के अधियाचन के क्रम में पदों की संशोधित सूचना दें के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने अधियाचन प्रक्रिया में शिकायत मिलने पर चेयरमैन और राजस्व परिषद को चेतावनी दी थी और वर्तमान में रिक्त 7994 लेखपाल पदों की संख्या की जांच करते हुए तत्काल नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए थे |
यूपी में लेखपाल पदों में भर्ती का मामला
सीएम योगी ने 7994 खाली पदों पर वर्टिकल और हॉरिजॉटल आरक्षण करने के निर्देश दिए थे. जिसमें 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति तथा 2 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति का वर्टिकल आरक्षण अक्षरश लागू करने का आदेश दिया
लेखपाल भर्ती अधियाचन की शिकायतों को लेकर सीएम योगी ने बुधवार रात को बैठक की थी, जिसमें उन्होंने आयोग के चेयरमैन और राजस्व परिषद को चेतावनी दी थी कि संविधान के नियमों और आरक्षण के रोस्टर में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं किया जाएगा |
नियमों के मुताबिक आरक्षण लागू करने के निर्देश
उन्होंने साफ़ किया कि संविधान के नियमों और आरक्षण के रोस्टर को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. सरकारी नौकरी में हर वर्ग को उसका हक देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. दिव्यांग, महिला, पूर्व सैनिक का हॉरिजॉन्टल आरक्षण भी सुनिश्चित हो. यही नहीं ओबीसी, एससी, एसटी, का वर्टिकल आरक्षण अक्षरशः लागू किया जाए |
क्या है लेखपाल भर्ती में आरक्षण विवाद
यूपी में 16 दिसंबर को राजस्व लेखपाल के 7,994 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हुआ है. लेकिन, आरक्षण के आंकड़ों और वितरण को लेकर विवाद उठना शुरू हो गया. इसमें OBC को संविधान के तहत 27% आरक्षण मिलना चाहिए था, पर नोटिफिकेशन में केवल 1441 पद ही OBC के लिए दिए गए, जो कुल पदों का लगभग 18% ही बनता है |
ये मामला सामने आने के बाद आरोप लगे कि अन्य पिछड़ा वर्ग को उसका पूरा हक नहीं दिया जा रहा है. इस मामले में यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी 17 दिसंबर को सीएम को पत्र लिखा था. जिसके बाद सीएम योगी ने अधिकारियों के साथ बैठक की और नियमों के अनुसार आरक्षण लागू करने के निर्देश दिए |
18 दिसंबर को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये मुद्दा उठाया और योगी सरकार पर निशाना साधा. इसी मामले में 19 दिसंबर को राजस्व परिषद आयुक्त ने UPSSSC को पत्र लिखा कि आरक्षण के मुताबिक अधियाचन क्रम में पदों की संशोधित सूची दी जाए |
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