मशहूर वुलर झील विदेशी पक्षियों से हुई गुलजार
श्रीनगर। कश्मीर में शीतलहर तेज हो गई है। इस बीच मशहूर वुलर झील ने सर्दियों की रौनक वापस बढ़ गई है। ठंड बढ़ते ही हजारों प्रवासी पक्षी पहुंच गए हैं, जिससे यह इलाका पक्षी प्रेमियों और प्रकृति के चाहने वालों के लिए अद्भुत बन गया है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से हजारों प्रवासी पक्षी कश्मीर के जलाशयों की ओर पहुंच रहे हैं और मशहूर वुलर झील इन विदेशी पक्षियों से भरी हुई है। झील में पक्षियों के झुंड पानी में उतरते, गोते लगाकर उड़ान भरते दिखाई दे रहे हैं। वुलर कंजर्वेशन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अधिकारी शोएब मकबूल बताते हैं कि इन दिनों झील के अलग‑अलग हिस्सों में हजारों प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं।
मकबूल, जो लगातार पक्षियों के आगमन का दस्तावेज आदि तैयार कर रहे हैं, वे बताते हैं कि ये परिंदे साफ और शांत इलाकों को पसंद करते हैं, जहां सूक्ष्म जीव और छोटी मछलियां भरपूर हों। कीचड़ हटाए गए हिस्सों में सालभर पानी रहता है, जिससे अलग‑अलग प्रजातियों के लिए अनुकूल माहौल बनता है।
इनदिनों पूरे कश्मीर में ठंड का प्रकोप जारी है। कश्मीर में हर जगह पर रात का तापमान शून्य से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। यहां तापमान शून्य से 4 डिग्री तक नीचे चला गया था।
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण
राजस्व कार्यों में ढिलाई पर सख्त:लंबित प्रकरणों के निपटारे और राजस्व वसूली में तेजी लाने मंत्री ने दिए निर्देश