जंगल से भटककर गांव पहुंचा तेंदुआ, बछड़े को शिकार बनाया, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
राजनंदगांव: अंबागढ़ चौकी से लगे गांव पांगरी में पहुंचे तेंदुए ने एक बछड़े का शिकार किया है। हालांकि इसके बाद तेंदुआ और कोई हानि नहीं पहुंचाया है और पास के जंगल की ओर बढ़ गया है। इस घटना के बाद से आसपास गांव में दहशत का माहौल बन गया है। घटना बुधवार रात की बताई जा रही है।
तेंदुआ द्वारा बछड़े के शिकार की पुष्टि वन विभाग के अफसरों ने की है। अफसरों का कहना है कि वन विभाग की टीम आसपास के गांवों में लगातार पहुंकर लोगों को जागरूक कर रही है। गांवों में कोटवार के माध्यम से मुनादी भी कराई जा रही है। लोगों को अकेले जंगल की ओर जाने से मना किया गया है। वहीं शाम होने के बाद बहुत जरूरी होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी जा रही है।
सप्ताहभर पहले और आया था तेंदुआ
बता दें कि सप्ताहभर पहले 12 जुलाई शनिवार की रात जिले के उत्तरी छोर के ग्राम आटरा में एक तेंदुआ घुस आया था। उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया और सुबह होते ही वह जंगल की ओर लौट गया। इसके बाद 13 जुलाई रविवार की रात जिले के दक्षिणी छोर मानपुर क्षेत्र में दो जंगली हाथी घुस आए। ये हाथी कांकेर की ओर बढ़ चले हैं, जहां कांकेर के अंतागढ़ से खबर आई कि वहां सड़क पर चल रहे एक साइकिल सवार नुकसान पहुंचाया है।
वापस लौट सकते हैं वन्यजीव
पहले 12 जुलाई को आया तेंदुआ अलग था, ये अलग है। दोनों भले ही जंगल की ओर वापस लौट गए हैं, लेकिन भूख लगने पर ये फिर से जंगल से गांव की ओर शिकार की तलाश में पहुंच सकते हैं। मानपुर क्षेत्र में आए दो नर हाथी भी बगैर कोई नुकसान पहुंचाए फिलहाल कांकेर जंगल की ओर चले गए हों, लेकिन उनका लौटना भी घातक हो सकता है। वन विभाग इन दिनों वन्य जीवों को लेकर अलर्ट मोड पर है। टीम लगातार निगरानी कर रही है।
रोशनी करने कहा गया
ग्रामीणों ने बताया कि जंगल गांव से सटा हुआ है। इसलिए वन्य जीवों की दस्तक होती है। पूर्व में तेंदुए की हलचल देखने को मिली थी। गांव स्तर पर सावधानी के लिए रात को बाड़ी व आसपास में पर्याप्त रोशनी रखने कहा गया है ताकि रोशनी देखकर वन्य जीव बाड़ी या फिर घर की ओर न आए। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी वन्य जीवों की आमद हो चुकी है। वन विभाग के कर्मचारियों को समय-समय पर सूचना दी जाती है।
बुधवार की रात चौकी वन परिक्षेत्र के पांगरी गांव में एक तेंदुआ घुस आया था। उसने एक घर के बाहर बछड़े का शिकार किया है। इसके बाद वह जंगल की ओर लौट गया है। वन विभाग की टीम वन्यजीवों पर लगातार निगरानी बनाए हुई है। साथ ही क्षेत्र के ग्रामीणों को जरूरी समझाइश भी दी जा रही है। - दिनेश पटेल, डीएफओ एमएमएसी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद
जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग को बढाएं-कृषि उत्पादन आयुक्त निगार
क्षीर धारा अभियान का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों की आय में वृद्धि और गोवंश का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना है : मंत्री पटेल
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया 4 लेन सीसी सड़क निर्माणकार्य का भूमि-पूजन
पुष्पा ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं और अपनी बेटियों को सर्वाईकल कैंसर के खतरे से बचाएं
खिवनी अभयारण्य बनेगा वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म का आदर्श मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूर्ण कर रहा है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बंगाल में बंपर वोटिंग: 91.40% मतदान, तमिलनाडु ने भी रचा इतिहास