Microsoft ने Skype को किया रिटायर, अब Teams बनेगा नया चैटिंग विकल्प
टेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने लोकप्रिय वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म Skype को 5 मई 2025 को आधिकारिक रूप से बंद कर दिया। कंपनी ने फरवरी 2025 में ही इस सेवा को रिटायर करने की घोषणा कर दी थी। यह कदम माइक्रोसॉफ्ट द्वारा अपनी संचार सेवाओं को अधिक सुगठित करने और उपभोक्ता जरूरतों के अनुरूप ढालने के प्रयास का हिस्सा है। अब कंपनी का पूरा ध्यान अपने ‘Microsoft Teams (Free)’ प्लेटफॉर्म को केंद्रीय संचार और सहयोग केंद्र बनाने पर रहेगा।
माइक्रोसॉफ्ट ने 28 फरवरी को एक ब्लॉग पोस्ट में बताया था कि Skype को बंद करने का निर्णय बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके तहत कंपनी ने नए उपयोगकर्ताओं के लिए Skype क्रेडिट और कॉलिंग फीचर प्लान्स की बिक्री पहले ही बंद कर दी थी। हालांकि, मौजूदा सब्सक्राइबर्स अपनी सेवा को बिलिंग साइकिल के अंत तक उपयोग कर सकते हैं और उनके खाते में शेष Skype क्रेडिट भी उपलब्ध रहेगा।
माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया है कि Skype का डायल पैड चुनिंदा मौजूदा भुगतान करने वाले यूजर्स के लिए Skype वेब पोर्टल और Microsoft Teams के भीतर 5 मई के बाद भी उपलब्ध रहेगा।
फरवरी से मई के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने एक ट्रांजिशन विंडो प्रदान की, ताकि उपयोगकर्ताओं को Skype से Teams में स्थानांतरित होने में सहायता मिल सके। यूजर्स अपने मौजूदा Skype लॉगिन से Microsoft Teams में साइन इन कर सकते हैं और उनकी प्रोफाइल सेटिंग्स और डेटा अपने आप ही ट्रांसफर हो जाएंगे। जो यूजर्स माइग्रेशन नहीं करना चाहते, वे अपनी चैट हिस्ट्री, कॉन्टैक्ट्स और कॉल डेटा को एक्सपोर्ट भी कर सकते हैं।
Microsoft Teams में Skype की मुख्य सुविधाओं के साथ-साथ कैलेंडर इंटीग्रेशन, कम्युनिटी स्पेसेज़ और अन्य आधुनिक कोलैबोरेशन टूल्स भी शामिल हैं, जो इसे अधिक बहुपरकीय और यूजर-फ्रेंडली बनाते हैं।
स्काइप के विकल्प: गूगल मीट और जूम बना सकते हैं बेहतर विकल्प
अगर आप स्काइप का विकल्प तलाश रहे हैं, तो कई ऐसे प्लेटफॉर्म मौजूद हैं जो समान सुविधाएं प्रदान करते हैं। इनमें गूगल मीट और जूम जैसे लोकप्रिय नाम शामिल हैं, जो वीडियो कॉलिंग और वर्चुअल मीटिंग्स के लिए उपयोगकर्ताओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं।
गूगल मीट
गूगल मीट का उपयोग करना आसान है और यह गूगल अकाउंट के साथ मुफ्त में उपलब्ध है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता एक बार में 100 प्रतिभागियों के साथ वीडियो कॉल कर सकते हैं। स्क्रीन शेयरिंग और मीटिंग रिकॉर्डिंग जैसी सुविधाएं भी इसमें मौजूद हैं। हालांकि, फ्री वर्जन में ग्रुप कॉल अधिकतम 60 मिनट तक सीमित रहती है। यदि उपयोगकर्ता अधिक समय तक मीटिंग करना चाहते हैं या अतिरिक्त फीचर्स का लाभ उठाना चाहते हैं, तो उन्हें इसके पेड प्लान का विकल्प चुनना होगा।
जूम
वेब कॉन्फ्रेंसिंग के क्षेत्र में जूम एक जाना-पहचाना नाम है। यह भी 100 प्रतिभागियों तक की वीडियो मीटिंग्स की सुविधा देता है। इसमें पब्लिक और प्राइवेट चैट, स्क्रीन शेयरिंग, वर्चुअल व्हाइटबोर्ड, नोट्स बनाने के टूल और ट्रांसक्रिप्ट के साथ मीटिंग रिकॉर्डिंग जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इन दोनों प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह है कि ये न सिर्फ पेशेवर उपयोगकर्ताओं बल्कि शैक्षणिक संस्थानों और आम उपभोक्ताओं के लिए भी उपयोगी साबित हो रहे हैं।
डिटॉक्स वाटर पीने से पहले जान लें इसके साइड इफेक्ट
पहलगाम बरसी से पहले सख्त चेतावनी, इंडियन आर्मी का कड़ा रुख
Madhya Pradesh High Court सख्त: इंदौर ट्रैफिक पर मांगा जवाब
मन्नत पूरी, फिर मातम: मंदिर से लौटते समय हादसे में महिला की मौत
हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करता है कच्चा प्याज
Amit Shah का बड़ा बयान: “दीदी को हटाने का समय आ गया”
Tej Pratap Yadav के बयान से मची हलचल, बोले- कभी भी टूट सकती है Rashtriya Janata Dal
DRDO का बड़ा कदम: AI सैटेलाइट ‘प्रज्ञा’ से मजबूत होगी देश की सुरक्षा
मैथ्यू हेडन का कड़ा रुख: 99 रन की हार को बताया 'अस्वीकार्य', बल्लेबाजों की मानसिकता पर उठाए सवाल।
क्रिकेट में अंडरवर्ल्ड की एंट्री: टी20 वर्ल्ड कप में कनाडा की टीम पर फिक्सिंग का आरोप, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम आया सामने।