नीमच पुलिस की तेजी: हत्या के आरोपी को हथियार और नगदी के साथ किया गिरफ्तार
नीमच। शहर के बंसल चौराहा स्थित सिंहल मल्टी में शुक्रवार शाम हुई लीलादेवी गोयल हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझा ली है। हत्या के पीछे चोरी की नीयत से घुसे आरोपी अर्जुन मीणा का नाम सामने आया है, जिसने विरोध करने पर लीलादेवी की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी और अलमारी से ₹1.60 लाख नकद लूटकर फरार हो गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्जुन मीणा और उसके साथी लाभचंद उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त चाकू, मोटरसाइकिल और नगदी भी बरामद कर ली गई है।
ऐसे खुला वारदात का राज
एसपी अंकित जायसवाल के निर्देशन में गठित पांच अलग-अलग पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। शनिवार रात संदेह के आधार पर अर्जुन मीणा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, अर्जुन डेढ़ साल पहले लीलादेवी के फ्लैट में पुताई का काम कर चुका था और घर की स्थिति व दिनचर्या से परिचित था।
इस तरह रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अर्जुन मीणा शुक्रवार शाम लीलादेवी के फ्लैट पर पहुंचा और रुपए भेजने की बात कहकर दरवाजा खुलवाया। घर में दाखिल होते ही उसने लीलादेवी पर चाकू से हमला कर दिया। संघर्ष के दौरान लीलादेवी ने बचाव की कोशिश की, जिससे आरोपी के चेहरे पर नाखूनों के निशान पाए गए। वारदात के बाद आरोपी ने बेडरूम की अलमारी से ₹1.60 लाख निकाले और नीचे खड़े साथी बंटी कुम्हार की बाइक से फरार हो गया।
दोनों आरोपी गिरफ्त में, सबूत बरामद
पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्जुन मीणा (34), निवासी बघाना, नीमच को गिरफ्तार किया और पूछताछ में उसके साथी लाभचंद उर्फ बंटी कुम्हार का नाम सामने आया, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, लूटी गई राशि और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है। रविवार दोपहर एसपी अंकित जायसवाल ने प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए थाना कैंट, साइबर सेल और अन्य पुलिस टीमों को सराहना दी। साथ ही, पुलिस महानिदेशक को टीम को पुरस्कार देने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
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