गोरखपुर में सिपाहियों पर हमला, एक घायल, वर्दी तक फाड़ दी
गोरखपुर में बेखौफ मनबढ़ों ने मेडिकल चौकी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों पर गुरुवार की रात जानलेवा हमला कर दिया, घटना उस वक्त हुई जब दोनों सिपाही गुलरिहा थाने से लौट रहे थे। हमले में एक सिपाही का होठ फट गया, जबकि दूसरे की वर्दी फाड़ दी गई। सूचना पर पहुंची गुलरिहा पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सिपाही की तहरीर पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
थाने के पास ही हुआ सिपाहियों पर हमला
पुलिस के मुताबिक मेडिकल चौकी पर तैनात दो सिपाही गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे गुलरिहा थाने पहुंचे थे। वहां से दोनों सिपाही पीछे की ओर स्थित सरकारी आवास की तरफ बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान थाने के पास एक भंडारे से लौट रहे कुछ युवक रास्ते में मिले इसी बीच एक युवक अपनी बाइक नचाते हुए अचानक सिपाहियों के सामने आ गया। टोकने पर युवक के एक साथी ने सिपाही को थप्पड़ मार दिया। इस पर दोनों सिपाहियों ने आरोपियों को पकड़कर थाने लाने की कोशिश की।
हमले में सिपाही का होंठ फटा, दूसरे की वर्दी फटी
थाने से कुछ दूरी पर ही आरोपितों के घर वाले और कुछ अन्य लोग वहां पहुंच गए और भीड़ इकट्ठा हो गई। इसी भीड़ का फायदा उठाकर एक युवक ने सिपाही पर हमला कर दिया और भाग निकला। हमले में सिपाही के होठ से खून बहने लगा। इसी दौरान दूसरे सिपाही की वर्दी भी फाड़ दी गई।
तीन गिरफ्तार, हमलावर फरार
सूचना मिलते ही गुलरिहा थाने की टीम मौके पर पहुंची और 3 युवकों को हिरासत में ले लिया। आरोपियों की पहचान सत्यम, शिवम और साहुल के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ 110, 115(2), 121(1) और 132 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार युवकों से पूछताछ की जा रही है, जबकि हमलावर युवक अभी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर