अंबिकापुर में हाथी के हमले से युवक की दर्दनाक मौत
अंबिकापुर|आज अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग में हाथियों के आतंक से आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया और जमकर प्रदर्शन किया. हाथी के कुचलने की वजह से कल्याणपुर के युवा किसान की कल शाम मौत हो गई थी. उसके बाद ग्रामीणों और मृतक युवक के परिजनों ने कल्याणपुर चौक में चक्काजाम कर दिया|
प्रदर्शनकारियों ने मृतक युवक के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया. परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी देने की मांग की. इसके अलावा लोगों ने वन विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि वन विभाग के द्वारा हाथियों की सही तरीके से निगरानी नहीं की जा रही है. जंगल में चारा पानी की कमी के कारण हाथी गांव की तरफ आ रहे हैं और फसलों को बर्बाद कर रहे हैं लोगों की जिंदगी ले रहे हैं|
हाथी ने युवक को कुचला
सूरजपुर जिले के कल्याणपुर निवासी केशव भोय बाइक से महिला मजदूरों को छोड़ने के लिए दूसरे गांव जा रहे थे. इसी दौरान एक हाथी वहां पहले से दूसरे व्यक्ति को दौड़ा रहा था. इसी बीच वह पहुंच गए और हाथी ने पहले से दौड़ा रहे व्यक्ति को छोड़कर केशव को दौड़ाना शुरू कर दिया. इस दौरान बाइक में बैठी महिला झाड़ी में जाकर छिप गई और उसकी जान बच गई, लेकिन हाथी ने केशव को कुचल कर मार डाला|
परिजनों ने सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन
इसके बाद आक्रोशित लोगों ने वन विभाग को इसकी जानकारी दी और पुलिस और वन विभाग के लोगों ने कई कार्रवाई की इसके बाद सुबह 11 बजे लोगों ने प्रतापपुर अंबिकापुर मुख्य मार्ग स्थित कल्याणपुर चौक में केशव के शव को रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. लोगों ने लाश को सड़क पर रखकर आधे घंटे तक प्रदर्शन किया. इस दौरान लोगों ने मांग की कि वन विभाग में मृतक युवक की पत्नी को सरकारी नौकरी व उनके दोनों बच्चों को मुफ्त में निजी स्कूलों में शिक्षा उपलब्ध कराई जाए. लोगों ने कहा कि सिर्फ सरकार के द्वारा 6 लाख रुपए मुआवजा दिया जाता है, लेकिन मुआवजा की राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपए दिया जाए. इस दौरान एसडीएम सूरजपुर शिवानी जायसवाल भी वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची और लोगों की मांग को उन्होंने सुना, इसके बाद लिखित में आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने चक्का जाम समाप्त किया|
शाम होते ही सड़कों पर घुमने लगते हैं हाथी
अंबिकापुर से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित कल्याणपुर जंगल में पिछले कई महीने से जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा है. हाथी शाम ढलते ही जंगल से बाहर निकल आते हैं तो कई बार दिन में ही हाथी बस्तियों की तरफ निकलने लगते हैं यही वजह है कि लोग डरे हुए हैं और लोगों की फसलों को भी हाथी बर्बाद कर रहे हैं. इतना ही नहीं कल्याणपुर स्थित कोटबहरा गांव में सरकारी स्कूल संचालित है लेकिन यहां भी बच्चे और शिक्षक हमेशा रहते हैं क्योंकि हाथी स्कूल तक पहुंच जाता है|
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